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हमारे बारे में


चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान (CCS NIAH), बागपत की स्थापना भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा "राष्ट्रीय पशु चिकित्सा जैविक उत्पाद गुणवत्ता नियंत्रण केंद्र की स्थापना" उप-योजना के अंतर्गत, "पशु स्वास्थ्य निदेशालय" केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत भारत में उपयोग किए जाने वाले पशु चिकित्सा टीकों (Veterinary Vaccines) एवं नैदानिक परीक्षण किटों (Diagnostics) के गुणवत्ता मूल्यांकन हेतु एक राष्ट्रीय सुविधा के रूप में की गई है।

पशु चिकित्सा जैविक उत्पादों का गुणवत्ता नियंत्रण पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे टीकाकरण जैसे निवारक उपायों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जिससे करोड़ों पशुओं को अनेक संक्रामक एवं घातक रोगों से सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके लिए भारत में पशु चिकित्सा जैविक उत्पादों के मानकों के सामंजस्य (Harmonization of Standards) की आवश्यकता है। इससे देश के वैक्सीन निर्माताओं तथा गुणवत्ता नियंत्रण परीक्षण संस्थानों को एक समान मंच प्राप्त होगा तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले पशु चिकित्सा जैविक उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके परिणामस्वरूप पशुधन रोगों पर प्रभावी नियंत्रण एवं उनमें कमी लाई जा सकेगी तथा देश सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु-जनित खाद्य पदार्थों का उत्पादन कर खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पशु एवं पशु-उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा देने में सक्षम होगा।

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